तिथि ज्ञानधारा पंचाग के आधार से और कल्याणक प्रतिष्ठा-प्रदिप के आधार से है.
१) चोथे तीर्थंकर श्री अभिनंदननाथ भगवान तप कल्याणक (अयोध्या नगरी), (उत्तरपुराण के आधार से),
२) उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म,
३) परम पूज्य सद्गुरुदेव श्री कानजीस्वामी के साथ दूसरी बारकी
श्री कुंदकुंदाचार्य तपोभूमि पोन्नुरकी यात्रा (वि.सं.२०२०).